पुरानी रिकॉर्डिंग
दिल्ली के एक छोटे से न्यूज़ चैनल में काम करने वाला आर्यन हमेशा बड़ी खबर की तलाश में रहता था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसकी जिंदगी खराब चल रही थी। नौकरी जाने वाली थी, पैसे खत्म हो रहे थे, और ऊपर से उसकी माँ अस्पताल में भर्ती थीं।
एक रात उसके ऑफिस के पुराने स्टोर रूम की सफाई हो रही थी।
धूल और टूटे कैमरों के बीच आर्यन को एक पुराना वीडियो कैमरा मिला।
काले रंग का भारी कैमरा… जिस पर धूल जमी हुई थी।
उसके साथ एक पुरानी कैसेट भी थी।
कैसेट पर सिर्फ़ एक शब्द लिखा था—
“मत देखना”
आर्यन हँस पड़ा।
“जितना मना करो… इंसान उतना ही देखता है।”
वो कैमरा अपने घर ले आया।
रात के 11 बजे उसने कैमरा चालू किया।
स्क्रीन कुछ सेकंड तक झिलमिलाई…
फिर रिकॉर्डिंग शुरू हुई।
वीडियो में एक परिवार दिख रहा था।
एक आदमी… उसकी पत्नी… और छोटी-सी बेटी।
तीनों हँस रहे थे।
कैमरे के पीछे से कोई आदमी रिकॉर्ड कर रहा था।
सब सामान्य लग रहा था।
लेकिन अचानक वीडियो रुक गया।
स्क्रीन पर सिर्फ़ अंधेरा था।
फिर…
एक भारी साँस लेने की आवाज़ सुनाई दी।
ह्ह्ह्ह…
ह्ह्ह्ह…
आर्यन थोड़ा असहज हो गया।
तभी वीडियो फिर चला।
अब वही घर दिख रहा था… लेकिन खाली।
कमरे की लाइट टिमटिमा रही थी।
और कैमरा धीरे-धीरे सीढ़ियों की तरफ़ बढ़ रहा था।
जैसे कोई छुपकर रिकॉर्ड कर रहा हो।
आर्यन ध्यान से देखने लगा।
ऊपर से किसी बच्ची के हँसने की आवाज़ आई।
फिर कैमरा ऊपर गया।
सीढ़ियों के आखिर में…
एक छोटी लड़की खड़ी थी।
सफेद फ्रॉक… लंबे बाल… और चेहरा नीचे झुका हुआ।
आर्यन के रोंगटे खड़े हो गए।
तभी वीडियो में रिकॉर्ड करने वाले आदमी ने पूछा—
“तुम यहाँ क्या कर रही हो?”
लड़की धीरे-धीरे सिर उठाने लगी।
और तभी—
वीडियो अचानक बंद हो गया।
स्क्रीन काली।
लेकिन एक आवाज़ अब भी आ रही थी—
“पीछे देखो…”
आर्यन का दिल धड़क उठा।
उसने तुरंत पीछे देखा।
कमरा खाली था।
वो घबराकर हँस पड़ा—“मैं भी पागल हो रहा हूँ…”
तभी टीवी अपने आप चालू हो गया।
स्क्रीन पर वही लड़की खड़ी थी।
इस बार वो कैमरे के अंदर नहीं…
उसके कमरे में थी।
आर्यन डर गया।
उसने टीवी बंद करने की कोशिश की, लेकिन टीवी बंद नहीं हुआ।
लड़की धीरे-धीरे स्क्रीन के करीब आने लगी।
और फिर—
पूरी स्क्रीन खून जैसी लाल हो गई।
अचानक बिजली चली गई।
पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
आर्यन का गला सूख गया।
तभी…
टक… टक… टक…
उसके कमरे के दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी।
“कौन है?” उसने काँपती आवाज़ में पूछा।
कोई जवाब नहीं।
टक… टक… टक…
इस बार आवाज़ और तेज़ थी।
आर्यन धीरे-धीरे दरवाज़े के पास गया।
जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला—
बाहर कोई नहीं था।
लेकिन फर्श पर गीले पैरों के छोटे-छोटे निशान बने हुए थे।
जैसे कोई बच्ची अभी-अभी वहाँ खड़ी हो।
निशान धीरे-धीरे उसके कमरे के अंदर जा रहे थे।
आर्यन का शरीर काँपने लगा।
उसने तुरंत अपने दोस्त समीर को फोन किया।
“भाई… जल्दी मेरे घर आ…”
समीर आधे घंटे में वहाँ पहुँच गया।
आर्यन ने उसे पूरी रिकॉर्डिंग दिखाई।
समीर भी डर गया।
“ये कोई नॉर्मल चीज़ नहीं है…”
दोनों ने इंटरनेट पर उस कैमरे के बारे में खोजा।
कुछ देर बाद उन्हें एक पुरानी न्यूज़ मिली।
पाँच साल पहले एक परिवार अपने घर में मृत मिला था।
माँ-बाप की लाश नीचे हॉल में थी…
और उनकी बेटी कभी नहीं मिली।
उस केस की आख़िरी रिकॉर्डिंग भी गायब थी।
आर्यन का चेहरा सफेद पड़ गया।
“ये वही रिकॉर्डिंग है…”
तभी कैमरा अपने आप चालू हो गया।
स्क्रीन पर फिर वही घर दिखने लगा।
लेकिन इस बार…
वीडियो लाइव लग रहा था।
कैमरा धीरे-धीरे एक कमरे की तरफ़ बढ़ रहा था।
समीर डरकर बोला—“इसे बंद करो!”
लेकिन कैमरा बंद नहीं हो रहा था।
फिर स्क्रीन पर एक दरवाज़ा दिखा।
दरवाज़े पर खून से लिखा था—
“मत खोलना”
धीरे-धीरे दरवाज़ा खुला।
अंदर अंधेरा था।
फिर…
वही लड़की दिखाई दी।
लेकिन इस बार उसका चेहरा साफ़ दिख रहा था।
उसकी आँखें पूरी काली थीं।
और होंठों पर अजीब मुस्कान।
उसने धीरे से कहा—
“तुमने मुझे देख लिया…”
अचानक कैमरे की स्क्रीन टूट गई।
कमरे की सारी लाइट्स जलने-बुझने लगीं।
और तभी…
समीर चीखा।
आर्यन ने पीछे मुड़कर देखा—
समीर दीवार से चिपका हुआ था।
जैसे कोई अदृश्य चीज़ उसका गला दबा रही हो।
“आर्यन… बचा…” उसकी आवाज़ टूट रही थी।
अचानक समीर हवा में उठा…
और ज़ोर से फर्श पर गिरा।
उसकी गर्दन टेढ़ी हो चुकी थी।
आर्यन की चीख निकल गई।
तभी कमरे के कोने में वही लड़की खड़ी दिखाई दी।
वो धीरे-धीरे मुस्कुरा रही थी।
“अब… तुम अकेले हो…”
आर्यन भागकर दरवाज़े की तरफ़ दौड़ा।
लेकिन दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।
कमरे की दीवारों से बच्चों की हँसी गूँजने लगी।
हाहाहा…
हाहाहा…
आर्यन रोने लगा।
“मैंने क्या किया है…?”
लड़की धीरे-धीरे उसके करीब आई।
“तुमने मुझे आज़ाद किया…”
“क… कैसे?”
“जिसने भी ये रिकॉर्डिंग देखी… वो मुझे बाहर ले आया…”
अचानक कमरे का तापमान गिर गया।
आर्यन की साँसों से धुआँ निकलने लगा।
लड़की उसके बिल्कुल सामने आ गई।
“अब… तुम मेरे साथ रहोगे…”
अगली सुबह…
पुलिस को आर्यन का घर खुला मिला।
अंदर समीर की लाश पड़ी थी।
लेकिन आर्यन गायब था।
कमरे में सिर्फ़ पुराना कैमरा पड़ा था।
और कैमरे की स्क्रीन पर…
एक नई रिकॉर्डिंग चल रही थी।
उसमें आर्यन दिखाई दे रहा था…
अंधेरे कमरे में बैठा…
डरा हुआ…
और उसके पीछे वही लड़की खड़ी मुस्कुरा रही थी। 👁️
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