बंद हवेली का रहस्य
राजस्थान के रेगिस्तान के बीचोंबीच एक पुरानी हवेली थी—“राठौड़ हवेली।”
उस हवेली के बारे में कहा जाता था कि पिछले पंद्रह सालों से वहाँ कोई नहीं रहता। लेकिन हर रात उसकी खिड़कियों में रोशनी दिखाई देती थी।
लोग कहते थे कि हवेली में रहने वाली लड़की अब भी किसी का इंतज़ार कर रही है।
विवान एक पत्रकार था। उसे रहस्यमयी कहानियों की सच्चाई जानना पसंद था। जब उसने इस हवेली के बारे में सुना, तो वह तुरंत वहाँ पहुँच गया।
शाम ढल चुकी थी। आसमान लाल हो रहा था और रेगिस्तान की हवा अजीब आवाज़ें पैदा कर रही थी।
हवेली दूर से ही डरावनी लग रही थी।
टूटी हुई दीवारें… जंग लगा बड़ा दरवाज़ा… और ऊपर की मंज़िल पर जलती एक पीली रोशनी।
विवान ने कैमरा ऑन किया।
“आज मैं पता लगाऊँगा कि राठौड़ हवेली का सच क्या है।”
जैसे ही वह अंदर गया, भारी दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।
धड़ाम!
विवान घबरा गया।
अंदर हर तरफ धूल जमी हुई थी। दीवारों पर पुराने चित्र टंगे थे। हवा में सीलन और पुराने इत्र की मिली-जुली खुशबू थी।
तभी ऊपर से पायल की आवाज़ आई।
छन… छन… छन…
विवान ने टॉर्च ऊपर की तरफ घुमाई।
कोई नहीं था।
लेकिन आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी।
वह धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ने लगा।
ऊपर पहुँचते ही उसे एक कमरा दिखाई दिया जिसके अंदर रोशनी जल रही थी।
कमरे का दरवाज़ा आधा खुला था।
विवान ने धीरे से उसे धक्का दिया।
अंदर एक लड़की आईने के सामने बैठी थी।
लाल रंग का पुराना राजस्थानी लहंगा… लंबे बाल… और हाथों में चूड़ियाँ।
विवान कुछ पल के लिए वहीं रुक गया।
“क… कौन हो तुम?”
लड़की धीरे-धीरे उसकी तरफ मुड़ी।
उसका चेहरा बेहद खूबसूरत था… लेकिन आँखों में गहरी उदासी थी।
“तुम यहाँ क्यों आए हो?” उसने धीमी आवाज़ में पूछा।
“मैं पत्रकार हूँ… इस हवेली के बारे में सच जानने आया हूँ।”
लड़की हल्का सा मुस्कुराई।
“सच हमेशा अच्छा नहीं होता।”
“तुम यहाँ अकेली रहती हो?”
लड़की ने जवाब नहीं दिया।
वह खिड़की के पास जाकर बाहर देखने लगी।
“मेरा नाम अनाया है।”
“मैं विवान।”
कुछ देर दोनों चुप रहे।
फिर विवान ने पूछा, “लोग कहते हैं इस हवेली में भूत है… क्या ये सच है?”
अनाया ने उसकी तरफ देखा।
“अगर कोई इंसान मरने के बाद भी किसी का इंतज़ार करे… तो क्या वो भूत कहलाता है?”
विवान के शरीर में सिहरन दौड़ गई।
“तुम कहना क्या चाहती हो?”
अनाया धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ी।
“पंद्रह साल पहले… इस हवेली में मेरी शादी होने वाली थी।”
कमरे की हवा अचानक ठंडी हो गई।
“मैं किसी से प्यार करती थी। उसने वादा किया था कि वो मुझे यहाँ से ले जाएगा। लेकिन शादी वाली रात… वो नहीं आया।”
अनाया की आँखों में आँसू चमकने लगे।
“उस रात मैंने पूरी रात उसका इंतज़ार किया… और सुबह मेरी लाश इसी कमरे में मिली।”
विवान का दिल जोर से धड़कने लगा।
“ल… लेकिन तुम…”
अनाया मुस्कुराई।
“कुछ इंतज़ार मौत से भी बड़े होते हैं।”
अचानक नीचे से किसी आदमी की आवाज़ आई—
“अनाया!”
पूरी हवेली काँप उठी।
अनाया डर गई।
“वो आ गया…”
“कौन?”
अनाया ने काँपते हुए कहा—
“जिसने मुझे मारा था।”
अचानक कमरे की लाइट बुझ गई।
चारों तरफ अंधेरा फैल गया।
सीढ़ियों से किसी के धीरे-धीरे ऊपर आने की आवाज़ आने लगी।
ठक… ठक… ठक…
विवान ने टॉर्च जलाई।
दरवाज़े के बाहर एक लंबा आदमी खड़ा था। उसका चेहरा अंधेरे में छुपा हुआ था।
“तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था…” उसकी भारी आवाज़ गूँजी।
विवान पीछे हट गया।
“तुम कौन हो?”
आदमी धीरे-धीरे आगे बढ़ा।
“मैं इस हवेली का मालिक हूँ।”
अनाया अचानक चिल्लाई—
“झूठ!”
हवा तेज हो गई। कमरे की चीज़ें अपने आप हिलने लगीं।
विवान समझ नहीं पा रहा था कि क्या हो रहा है।
अनाया की आँखें अब लाल हो चुकी थीं।
“इसने मुझे मार दिया था…” वह रोते हुए बोली। “क्योंकि मैं इसकी मर्ज़ी के खिलाफ किसी और से प्यार करती थी।”
विवान के पैरों तले जमीन खिसक गई।
वो आदमी हँसने लगा।
“और अब… जो भी यहाँ आता है… वापस नहीं जाता।”
अचानक उसने विवान पर हमला कर दिया।
विवान नीचे गिर पड़ा। टॉर्च दूर जा गिरी।
पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
तभी…
अनाया की चीख गूँजी।
खिड़कियाँ अपने आप खुलने लगीं। तेज हवा पूरे कमरे में घूमने लगी।
वो आदमी डर गया।
“नहीं… अनाया… फिर से नहीं!”
अनाया धीरे-धीरे हवा में उठने लगी।
उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे।
“पंद्रह साल… मैंने सिर्फ इंसाफ का इंतज़ार किया…”
अचानक पूरा कमरा सफेद रोशनी से भर गया।
वो आदमी जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
और अगले ही पल…
वो खिड़की तोड़कर नीचे गिर गया।
सबकुछ शांत हो गया।
कमरे में सिर्फ विवान और अनाया थे।
अनाया अब सामान्य दिख रही थी।
उसने मुस्कुराकर कहा—
“अब मेरा इंतज़ार खत्म हुआ।”
धीरे-धीरे उसका शरीर धुएँ की तरह हवा में गायब होने लगा।
विवान घबरा गया।
“रुको… मत जाओ…”
अनाया की आँखों में पहली बार सुकून था।
“कुछ प्यार अधूरे होकर भी हमेशा पूरे रहते हैं…”
और अगले ही पल…
वो गायब हो गई।
अगली सुबह गाँव वालों ने हवेली के बाहर विवान को बेहोश पाया।
जब उसे होश आया, तो उसने पूरी कहानी सबको बताई।
लेकिन किसी ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया।
क्योंकि जिस आदमी के बारे में उसने बताया था…
उसकी मौत तो पंद्रह साल पहले ही हो चुकी थी।
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