मोबाइल गेम का आख़िरी लेवल

 मोबाइल गेम का आख़िरी लेवल

जयपुर के एक स्कूल में पढ़ने वाला 17 साल का अथर्व मोबाइल गेम्स का बहुत बड़ा शौकीन था। हर नया गेम सबसे पहले डाउनलोड करना उसकी आदत थी।

एक रात वह अपने कमरे में बैठा फोन चला रहा था। तभी उसके मोबाइल पर एक अनजान नोटिफिकेशन आया—

“Shadow End — The Final Level”

अथर्व ने सोचा शायद कोई नया हॉरर गेम होगा।

उसने ऐप खोला।

गेम शुरू होते ही स्क्रीन पूरी काली हो गई। फिर धीरे-धीरे एक पुराना घर दिखाई दिया।

नीचे लिखा था—

“अगर हिम्मत है तो आख़िरी लेवल पूरा करो…”

अथर्व मुस्कुराया।

“बस इतना ही?”

उसने गेम खेलना शुरू किया।

पहले लेवल आसान थे। उसे अंधेरे कमरों में छिपी चाबियाँ ढूँढनी थीं।

लेकिन कुछ देर बाद उसे अजीब बात महसूस हुई।

गेम में जो घर दिख रहा था… वह बिल्कुल उसके अपने घर जैसा था।

वही दीवारें। वही घड़ी। वही खिड़की।

अथर्व थोड़ा घबरा गया।

“शायद इत्तेफाक होगा…”

फिर गेम में एक कमरा खुला।

वह उसका अपना बेडरूम था।

और सबसे डरावनी बात…

गेम के अंदर स्क्रीन पर एक लड़का बैठा मोबाइल चला रहा था।

वह लड़का बिल्कुल अथर्व जैसा दिख रहा था।

अचानक गेम के अंदर वाला लड़का धीरे-धीरे सिर उठाने लगा।

और सीधे स्क्रीन की तरफ देखने लगा।

अथर्व का गला सूख गया।

तभी मोबाइल से आवाज़ आई—

“अब खेल सच में शुरू होगा…”

कमरे की लाइट अपने-आप बंद हो गई।

फोन की स्क्रीन से हल्की नीली रोशनी निकल रही थी।

अथर्व ने घबराकर गेम बंद करने की कोशिश की।

लेकिन फोन हैंग हो चुका था।

अब स्क्रीन पर नया मैसेज आया—

“अगर गेम छोड़ा… तो तुम हार जाओगे।”

अचानक उसके कमरे के बाहर किसी के चलने की आवाज़ आने लगी।

ठक… ठक… ठक…

जैसे कोई धीरे-धीरे दरवाज़े की तरफ आ रहा हो।

अथर्व ने काँपते हुए दरवाज़ा खोला।

बाहर कोई नहीं था।

लेकिन गलियारे की दीवार पर काले रंग से लिखा था—

“LEVEL 2 STARTED”

अथर्व पीछे हट गया।

तभी गेम अपने-आप आगे बढ़ा।

अब स्क्रीन पर उसके घर का किचन दिख रहा था।

और वहाँ…

एक काली परछाईं खड़ी थी।

गेम में लिखा आया—

“उससे बचकर निकलो…”

उसी क्षण किचन से बर्तन गिरने की जोरदार आवाज़ आई।

धड़ाम!

अथर्व डरते हुए नीचे गया।

किचन की लाइट झपक रही थी।

और कुछ सेकंड के लिए उसे लगा जैसे वहाँ सच में कोई खड़ा है।

लेकिन अगले ही पल सब गायब हो गया।

अब उसके फोन में अगला मैसेज चमका—

“तुम अच्छा खेल रहे हो…”

अथर्व ने तुरंत फोन बंद कर दिया।

लेकिन मोबाइल अपने-आप फिर चालू हो गया।

अब स्क्रीन पर उसकी लाइव तस्वीर दिखाई दे रही थी।

कोई उसे उसी कमरे में बैठकर रिकॉर्ड कर रहा था।

अथर्व का दिल तेजी से धड़कने लगा।

“ये… ये कैसे हो सकता है?”

तभी कैमरे के पीछे एक काली आकृति दिखाई दी।

वह धीरे-धीरे उसके करीब आ रही थी।

अथर्व ने तुरंत पीछे मुड़कर देखा।

कमरे में कोई नहीं था।

लेकिन फोन की स्क्रीन में वह आकृति अब भी खड़ी थी।

और हर सेकंड उसके और करीब आ रही थी।

अचानक मोबाइल से अजीब हँसी सुनाई दी।

हाहाहाहा…

फिर स्क्रीन पर लिखा आया—

“FINAL LEVEL”

पूरा कमरा बर्फ जैसा ठंडा हो गया।

दीवारों पर काले हाथों के निशान उभरने लगे।

अथर्व भागकर दरवाज़े की तरफ गया।

लेकिन दरवाज़ा बंद हो चुका था।

अब फोन की स्क्रीन पर सिर्फ एक लाइन थी—

“पीछे मुड़ो…”

अथर्व की साँसें रुक गईं।

धीरे-धीरे उसने पीछे देखा।

अंधेरे कोने में वही काली आकृति खड़ी थी।

उसकी आँखें सफेद चमक रही थीं।

और उसके हाथ में वही मोबाइल था।

आकृति मुस्कुराई।

“तुम आख़िरी खिलाड़ी हो…”

अथर्व चीखा और फोन जमीन पर पटक दिया।

मोबाइल टूट गया।

पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।

कुछ सेकंड बाद…

सब शांत हो गया।

सुबह अथर्व अपने बिस्तर पर था।

कमरा बिल्कुल सामान्य था।

उसने राहत की साँस ली।

“ये सब सपना था…”

तभी उसके दोस्त का फोन आया।

“भाई, तू ठीक है?”

“हाँ… क्यों?”

दोस्त काँपती आवाज़ में बोला—

“कल रात 2 बजे तेरे नंबर से मुझे एक गेम लिंक आया था…”

अथर्व चुप हो गया।

“कौन-सा लिंक?”

दोस्त बोला—

“Shadow End — The Final Level…”

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