पहाड़ी गाँव की चीख

 पहाड़ी गाँव की चीख

हिमाचल प्रदेश की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था—“कालापथर”। चारों तरफ देवदार के घने जंगल, बर्फ से ढके पहाड़ और गहरी खाइयाँ थीं। दिन में यह गाँव बेहद खूबसूरत लगता था, लेकिन रात होते ही वहाँ ऐसा सन्नाटा छा जाता था कि अपनी साँसों की आवाज़ भी डराने लगती थी।

उस गाँव के बारे में एक भयानक कहानी मशहूर थी।

कहा जाता था कि हर साल सर्दियों की पहली बर्फबारी की रात पहाड़ों से एक औरत की चीख सुनाई देती है।

जो भी उस चीख का पीछा करता… वह सुबह तक गायब हो जाता।

19 साल का अयान एक ट्रैवल व्लॉगर था। उसे रहस्यमयी जगहों की खोज करने का जुनून था। जब उसने “कालापथर” की कहानी सुनी, तो उसने तुरंत वहाँ जाने का फैसला कर लिया।

उसकी बहन मीरा ने उसे समझाया—

“हर चीज़ वीडियो के लिए सही नहीं होती।”

लेकिन अयान मुस्कुराया।

“डर सिर्फ दिमाग में होता है।”

दो दिन बाद वह कालापथर पहुँच गया।

गाँव बहुत छोटा था। वहाँ मुश्किल से बीस-तीस घर थे। लोग अजनबियों को देखकर अजीब नजरों से देख रहे थे।

गाँव के बीच एक बूढ़ा आदमी आग के पास बैठा था। अयान उसके पास गया।

“बाबा, यहाँ रात में चीख सुनाई देती है?”

बूढ़े का चेहरा अचानक गंभीर हो गया।

“अगर सुनाई दे… तो खिड़की मत खोलना।”

“क्यों?”

बूढ़ा धीमे स्वर में बोला—

“क्योंकि वो इंसान की आवाज़ नहीं है।”

रात…

आसमान से धीरे-धीरे बर्फ गिरने लगी। अयान गाँव के पुराने गेस्ट हाउस में रुका था। उसने कैमरा सेट किया और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।

घड़ी में रात के 1 बजे।

बाहर हवा की आवाज़ तेज होती जा रही थी।

हूँऽऽऽ…

तभी अचानक…

एक औरत की दर्दनाक चीख पूरे गाँव में गूँज उठी।

आऽऽऽऽऽ!

अयान का दिल जोर से धड़कने लगा।

चीख इतनी भयानक थी कि उसकी रीढ़ में ठंड उतर गई।

लेकिन डर के बजाय उसकी उत्सुकता बढ़ गई।

उसने कैमरा उठाया और बाहर निकल गया।

पूरा गाँव अंधेरे में डूबा था। सिर्फ बर्फ पर पड़ती चाँद की हल्की रोशनी दिखाई दे रही थी।

तभी उसे दूर पहाड़ की तरफ एक सफेद आकृति दिखाई दी।

लंबे बाल… सफेद कपड़े… और नंगे पैर।

वह धीरे-धीरे जंगल की तरफ जा रही थी।

अयान उसके पीछे चल पड़ा।

जैसे-जैसे वह आगे बढ़ता गया, हवा और ठंडी होती गई।

कुछ दूर जाकर वह आकृति अचानक रुक गई।

फिर बिना पीछे देखे बोली—

“तुम्हें वापस नहीं आना चाहिए था…”

अयान का गला सूख गया।

“तुम… कौन हो?”

लेकिन अगले ही पल वह आकृति गायब हो गई।

सिर्फ उसके पैरों के निशान बर्फ पर बचे थे।

अयान ने कैमरा उन निशानों पर घुमाया।

और तभी उसे एहसास हुआ—

वे निशान इंसान के नहीं थे।

वे किसी जानवर जैसे पंजों के निशान थे।

अचानक पीछे से कदमों की आवाज़ आई।

चर्र… चर्र…

जैसे कोई बर्फ पर धीरे-धीरे चल रहा हो।

अयान ने पीछे मुड़कर देखा।

कोई नहीं था।

लेकिन कैमरे की स्क्रीन में…

उसके पीछे वही सफेद आकृति खड़ी दिखाई दे रही थी।

अयान डरकर पलटा।

फिर भी पीछे कुछ नहीं था।

उसकी साँसें तेज हो गईं।

तभी कैमरे में वह आकृति धीरे-धीरे मुस्कुराने लगी।

और उसकी आँखें पूरी काली हो गईं।

अचानक कैमरा बंद हो गया।

चारों तरफ घुप्प अंधेरा।

तभी फिर वही चीख सुनाई दी—

आऽऽऽऽऽ!

लेकिन इस बार बहुत पास से।

अयान भागने लगा।

बर्फ में उसके पैर धँस रहे थे।

पीछे से किसी के तेज़ कदमों की आवाज़ आ रही थी।

चर्र… चर्र… चर्र…

जैसे कोई चार पैरों पर दौड़ रहा हो।

अयान ने पीछे मुड़कर देखा…

और उसकी चीख निकल गई।

वही सफेद औरत अब इंसान जैसी नहीं दिख रही थी।

उसके हाथ बेहद लंबे थे। चेहरा फटा हुआ था। और उसके मुँह में नुकीले दाँत चमक रहे थे।

वह बर्फ पर रेंगते हुए उसकी तरफ बढ़ रही थी।

अयान पूरी ताकत से भागा।

कुछ दूर उसे एक पुराना मंदिर दिखाई दिया।

वह अंदर घुस गया और दरवाज़ा बंद कर लिया।

बाहर वह चीज़ दरवाज़े पर पंजे मारने लगी।

ठक! ठक! ठक!

अयान काँप रहा था।

तभी मंदिर के अंदर अंधेरे से आवाज़ आई—

“वो तुम्हें ढूँढ लेगी…”

अयान ने टॉर्च जलाई।

एक बूढ़ी औरत कोने में बैठी थी।

उसकी आँखें सफेद थीं।

“आप कौन हैं?”

बूढ़ी औरत बोली—

“मैं इस गाँव की आखिरी बची हुई रक्षक हूँ।”

“वो क्या है?”

औरत ने काँपती आवाज़ में कहा—

“सालों पहले इस गाँव में एक लड़की को चुड़ैल कहकर जिंदा जला दिया गया था। मरने से पहले उसने श्राप दिया था कि हर सर्दी में वो किसी को अपने साथ ले जाएगी।”

बाहर फिर चीख गूँजी।

मंदिर की दीवारें काँपने लगीं।

बूढ़ी औरत ने अयान को एक पुरानी घंटी दी।

“अगर वो अंदर आए… तो इसे बजाना।”

अचानक मंदिर का दरवाज़ा टूट गया।

धड़ाम!

बर्फीली हवा अंदर भर गई।

और उसके साथ वह भयानक आकृति भी।

उसकी काली आँखें सीधे अयान को घूर रही थीं।

वह धीरे-धीरे मुस्कुराई।

“अब तुम्हारी बारी है…”

अयान ने काँपते हाथों से घंटी बजाई।

टननननन…

घंटी की आवाज़ गूँजते ही वह आकृति दर्द से चीखने लगी।

आऽऽऽऽ!

उसका शरीर धुएँ में बदलने लगा।

लेकिन तभी उसने अपने लंबे हाथ से बूढ़ी औरत को पकड़ लिया।

और अगले ही पल उसे अंधेरे में घसीट लिया।

“भागो!” बूढ़ी औरत की आखिरी चीख गूँजी।

अयान मंदिर से बाहर भागा।

बर्फीला तूफान शुरू हो चुका था।

वह किसी तरह गाँव पहुँचा।

लेकिन गाँव पूरी तरह खाली था।

सभी घरों के दरवाज़े खुले थे।

जैसे वहाँ कोई रहता ही न हो।

तभी उसे एक घर के अंदर रोशनी दिखाई दी।

वह दौड़कर अंदर गया।

दीवार पर पुरानी तस्वीरें टंगी थीं।

एक तस्वीर देखकर उसका खून जम गया।

तस्वीर में वही बूढ़ी औरत खड़ी थी।

लेकिन फोटो के नीचे तारीख लिखी थी—

1962

और नीचे लिखा था—

“कालापथर की आखिरी जीवित महिला”

अयान के हाथ काँपने लगे।

“नहीं… ये नहीं हो सकता…”

तभी पीछे से धीमी आवाज़ आई—

“मैंने कहा था… तुम वापस नहीं आना चाहिए था…”

अयान धीरे-धीरे पीछे मुड़ा।

वही सफेद औरत उसके पीछे खड़ी थी।

लेकिन इस बार उसका चेहरा बदल चुका था।

वह बिल्कुल मीरा जैसी दिख रही थी।

उसने मुस्कुराकर कहा—

“घर चलो…”

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